moral science

दुनिया के दो रंग

Posted on

एक पिता एक मेगजीन पढ रहे थे. उनकी छोटी लडकी उनके आस पास इधर उधर घूम रही थी और पिता को परेशान कर रही थी. तो पिता ने मेगजीन से भारत के नक्शे वाला पेज फाडा और उसके छोटे छोटे टुकडे किए और लडकी को देकर कहा: इस नक्शे को जोडकर दिखाओ.

‪#‎पिता‬ को मालूम था कि लडकी को नक्शा जोडने मेँ पूरा दिन लग जाएगा. लेकिन उस लडकी कुछ ही मिनटो मेँ पूरा नक्शा जोड दिया..! यह देखकर पिता को अचरज हुआ…

और लडकी से पूछा कि बेटा तुमने इतनी जल्दी नक्शा कैसे जोड लिया..?? लडकी ने जवाब दिया..

“”पापा इस नक्शे वाले पेज के दूसरी तरफ एक आदमी का चेहरा था..इस नक्शे को बराबर जोडने के लिए मैने उस आदमी के चेहरे को जोड दिया और नक्शा भी जुड गया.”

इतना कहकर लडकी खेलने के लिए बाहर चली गई

और पिता अचरज पूर्वक उसको देखते ही रह गये..

¤बोध.¤

हम ‪दुनिया‬ में जो महसूस करते है उसकी दूसरी तरफ भी एक दुनिया हैं । हम पर कभी मुश्किल आये तो डरने के बजाय उसकी दूसरी तरफ भी देखना चाहिए जहाँ इस मुश्किल को पार करने का आसान विकल्प भी हो सकता है ।

कभी यह बात मत भूलो …

”दुनिया मेँ हर चीज के दो पहलू होते हैं अब यह बात आप पर निर्भर करती है कि आप

किस नजरिए से देखते हो..”